Election : नौरंगा ग्रामवासियों! चुनाव का मौसम है, मस्त होना, मदमस्त ना होना

Election : किसी ने लिखा था- “बहुत दिनों से एक नेता खो गया है, देखना कहीं वो आदमी तो नहीं हो गया है”।
ये तो नहीं मालूम कि वो आदमी हुआ ये नहीं, लेकिन वो नेता था और नेता बन कर आया है फिर से और वो भी कब? जब चुनाव का मौसम आया है तब?

और अब चुनाव का मौसम आ गया है, तो देखना इस चुनाव की बयार वहां पहुंचेगी जहां कभी पंखे की बयार के लिए लोग तरस जाते थे। हो सके कुछ लोगों को नेताओं के वादों से एसी की हवा भी खाने को मिल जाये। और ना जाने क्या-क्या मिल जाये?

2018 Nauranga gram Sabha ki Jansabha

एक है नौरंगा ग्राम सभा

बिना किसी का नाम लेते हुए हमारा कर्तव्य बनता है कि हम उन नेताओं को ज़रा इतिहास के झरोखों में ले कर जाएं।और उन्हें बताएं कि एक है नौरंगा ग्राम सभा। नाम तो सुना ही होगा। और जैसे ही आप इतिहास के झरोखों में जाएंगे आपको नौरंगा ग्राम सभा और इस ग्राम सभा के लोग अडिग खड़े दिखाई देंगे- जैसे आज अडिग खड़े हैं। ऐसे नौरंगा ग्राम सभा नेताओं को याद आये या नहीं। चुनाव आते ही सबके मुंह से ज़रूर निकलता है “एक है नौरंगा ग्राम सभा”!

Nauranga Gramsabha

Election -हां, यह वही है नौरंगा ग्राम सभा

हां, यह वही है नौरंगा ग्राम सभा- जो आज़ादी के 70 वर्षों के बाद भी अपनी हालात पर रोने को मज़बूर था और आज भी है। हर चुनाव के समय नेता आये और बड़े-बड़े वादे किये गए लेकिन उन वादों को आज तक पूरा ही किया जा रहा है। हां, यह वही नौरंगा ग्राम सभा है जहां की जनता को हर बार जुमलों में फंसा कर उनको आकर्षित कर लिया गया। हां, यह वही नौरंगा ग्राम सभा है- जहां की जनता ने जिस नेता को भी वोट दिया, दिल खोल कर वोट दिया।

चुनाव बहिष्कार और जनसभा

2018 में नौरंगा ग्राम सभा के लोगों ने चुनाव बहिष्कार किया था अपनी मांग को पूरा करने के लिए। दरअसल, यहाँ के लोगों की मांग थी नौरंगा घाट पर पक्का पुल का निर्माण हो जाये। मुख्य मुद्दा यही था। इसी के लिए अप्रैल 2018 में श्री फेकू बाबा के मंदिर स्थल पर विशाल जनसभा का आयोजन किया गया था। दिग्गज नेताओं ने आकर अपना विचार व्यक्त किया था, जिन विचारों को आज तक वहां की जनता वहन कर रही है।

Nauranga Ghat

टूट गया सपना

नौरंगा ग्राम सभा के लोग आस लगाए कर बैठे थे कि इस बार नौरंगा घाट पर पक्का पुल का निर्माण ज़रूर होगा। लेकिन उनका सपना तब टूट गया, जब अभी कुछ महीनों पहले ही पता चला कि पक्का पुल का निर्माण नौरंगा घाट पर नहीं, बल्कि शिवपुर घाट पर किया जायेगा। यह खबर सुनते ही यहाँ के लोगों के दिल को इस तरह चोट पहुंची, जैसे इन्हें लगा कि कोई अपना कह कर पल भर में इन्हें बेगाना कर गया है। क्योंकि वर्षों से आंखों में पल रहीं उम्मीदें तार-तार हो चुकी थी।

Jansabha

नौरंगा ग्रामवासियों! मस्त होना, मदमस्त नहीं

नौरंगा ग्रामवासियों! चुनाव का मौसम है। फिर से किसी के वादे और चेहरे की मासूमियत को देख कर बह ना जाना। क्योंकि एक चेहरे के पीछे छुपे होते हैं कई चेहरे।
इसलिए इस चुनाव के मौसम में मस्त होना, मदमस्त नहीं। क्योंकि बात एक दिन की नहीं है, बात आने वाले उन कई वर्षों की है, जिनमें छुपा है सबका भविष्य।
आपका एक वोट कीमती है इसलिए हर वोट उसी को जो आपकी ज़रूरत को समझे। चाहे वो किसी भी पार्टी का क्यों ना हो? जो भी आपके विकास की राह में रोड़ा बना है, उसे क़रारा ज़वाब देने का मौसम है। क्योंकि यही मौसम है जो जनता के ताकत का मौसम है।
इसलिए पहले सोचो, समझो, देखो और फिर वोट करो। अगर।मस्त होकर, मदमस्त हो जाओगे और किसी को अपना मत दे आओगे तो फिर पछताओगे।

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